बोसंग लिम ( 55, बांरहवा पेरिश )

मैं एक प्रशासनिक कार्यकर्ता के रूप में उल्जिन किया क्यन्गबुक प्रांत में एक आरामदायक जीवन जी रहा था तब तक मेरे जीवन में काई उथल पुथल नही हुई थी। अगस्त 1997 में, मैं एक कार में था जिसे एक शराबी चालक चला रहा था जो कि मेरा एक सहकर्मी था। जब वह पुलिस से भागने की कोशिष कर रहा था तो कार रेलिंग से टकरा गई और सडक से 4 मीटर नीचे गिर गई।

मुझे बचाया गया और 9 दिनों तक मैं अस्पताल में भर्ती रहा। घर आने के बाद मैंने पाया कि मुझ पर चालक होने का आरोप लगाया गया है। मेरा सहकर्मी जो कार का मालिक और चालक था उसने यह आरोप मुझ पर थोप दिया। मगर, बचानेवाले की गवाही के कारण अंत में, मैं एक साल और चार महीने के बाद बरी हो गया और मेरे सहयोगी को 2 साल की निलंबित सजा के साथ 6 महीने की जेल की सजा सुनाई गयी।

मगर, कुछ प्रभावकारी लोगों का इस्तेमाल करके, उस सहकर्मी ने मुझ पर अपमान-लेख का मुकदमा कर दिया और मुझे 3 साल की सजा हो गई। एक अन्य सहयोगी जो कार की पिछली सीट पर बैठा था उसे एक वर्ष की सजा मिली। प्रेस ने बताया कि मैं एक बेशर्म व्यक्ति हूँ जिसने तथ्यों की जांच नही की। मैंने पुर्नयाचिका दायर की और मेरी सज़ा एक वर्ष की हो गई, लेकिन मैं ऐसे महसूस कर रहा था जैसे मुझ पर जुल्म हुआ है।

क्रूस का संदेश सुनने के बाद

2003 में, 39 वर्ष की आयु में मुझे जेल भेजा गया। मैं बहुत गुस्से में था और मैंने बहुत बार आत्महत्या करने के बारे में सोचा। लेकिन अपने छोटे बच्चों के बारे में सोचते हुए मैं ऐसा नही कर पाया। मैं 2001 से चर्च जाता था। इस कारण जेल में मैंने 3 बार बाइबल पढ़ी लेकिन बदला लेने की मेरी भावना दूर नही हुई।

एक दिन मेरी पत्नी की बहन ने मुझे रेव्ह. जेराक ली के द्वारा लिखी हुई “क्रूस का संदेश“ किताब दी। मैंने ऐसा महसूस किया कि मेरा प्राण गहराई से ताजा हो गया है। यह पढ़ते हुए कि क्यों यीशु मसीह हमारा उद्धारकर्ता है? और क्यों परमेश्वर ने भले और बुरे ज्ञान के वृक्ष को लगाया? मैंने परमेश्वर के प्रेम को महसूस किया और मैं आनंद से भर गया।

2004 में रिहा होने के बाद, मैं उस चर्च में गया, जहां मैं जाता था। परन्तु चर्च में मतभेद थे और मैं वहाँ फिर नही जा पाया। मेरा हृदय निराश हो गया।

सपने के द्वारा मानमिन का सदस्य बनना।

मेरी पत्नी सेंगजा ह्वान जून 2005 से मानमिन सेंट्रल चर्च की आराधना सभा में इंटरनेट के माध्यम से शामिल होती थी। जैसे ही साल का अंत नजदीक आया उसने मुझे सुझाव दिया कि हम नये साल की सभा में हिस्सा लेने के लिए मानमिन सेंट्रल चर्च जायें। मैंने कहा कि हमारे आसपास बहुत सारे चर्च है, हमें सियोल जाने की जरूरत नही है। परन्तु कुछ ऐसा हुआ जिसकी हमें उम्मीद नही थी।

मेरे सपने में, मैं अंधकार में चल रहा था, मैंने दूर से उज्ज्वल ज्योति को देखा और वहां पर क्रूस ढूढंने को चला गया। जैसे ही मैं वहां पहुंचा, रेव्ह. डा. जेराक ली मुझे मंच के पीछे से चेहरे पर एक बडी मुस्कान के साथ देख रहे थे। जब मैं मंच पर पहुंचा तो उन्होंने पीछे की जगह खोली और मुझे अपने साथ उज्ज्वल ज्योति में ले गए। यह सपना देखने के बाद मुझे विश्वास हुआ और नये साल की आराधना सभा में हिस्सा लेने के लिए हम सियोल में मानमिन सेंट्रल चर्च गए। इसके बाद हमने पोहांग मानमिन चर्च जाना शुरू किया।

अगस्त 2006 में, मैं मोजू में हो रहे समर रिट्रीट में गया, वेदी से सीनियर पास्टर की प्रार्थना ग्रहण करने के बाद मेरे बेटे की बिमारी ठीक हो गई। उस समय वह 14 वर्ष का था और जब वह 4 महीने का था तब से बार बार उसको निमोनिया होता था और अकसर वह अस्पताल में भी भर्ती रहता था। वो हमेशा दवाईयां लेता था। लेकिन उस दिन सीनियर पास्टर की प्रार्थनाओं के द्वारा वो अपनी सारी बिमारियों से चंगा हो गया और स्वस्थ बन गया।

जीवन के वचनों के द्वारा एक खुशहाल परिवार बनना।

मुझे अपने दोस्तों के साथ घूमना बहुत पसंद था इसलिए मैं देरी से घर आता था। मैंने और मेरी पत्नी ने एक दूसरे के हित की सेवा करने की कोशिष की। मेरी पत्नी हमेशा तलाक की बात करती थी। मगर, मानमिन का सदस्य बनने के बाद, हमने एक दूसरे को समझने की कोशिष की और एक दूसरे की सेवा की इसलिए घर में फिर ज्यादा लड़ाई झगडा नही होता था । अब हमारा परिवार शांतिपूर्ण है।

इस अनुग्रह के लिए धन्यवादी होकर, मैंने अपने पडोस में मानमिन समाचार पत्रों को बांटा। मैं मुख्य कलीसिया में जाना चाहता था इसलिए हम 2012 में सियोल में चले गए। मैं हर रात दानिय्येल प्रार्थना सभा में प्रार्थना करने में आनंद लेता था। मेरी पत्नी की आधारभूत दशा कमजोर थी, उसको धूप से एलर्जी, मूत्र असंयमिता, ब्रोन्कोडाइलेषन (यह एक प्रकार से दमा से श्वास लेने की परेशानी का रोग है), आखों का सूखा पड़ जाना, और रिफलेक्स इसोफेजाइटिस (जो कि छाती में प्रदाह के कारण होता है) था। लेकिन उन्होंने सभी बिमारियों से चंगाई प्राप्त की।

अगस्त 2004 में, कोलोनोस्कोपी होने के बाद, पाया गया कि उनको एपेनडिक्स में म्यूकस सिस्ट (बलगम पुटी) हैं। जो एपेनडिस्क के बाहर निकलने में रूकावट के कारण बनी गई थी। अगर ये पुटी (मस्सा) बढ़ती है या सूजन आती है तो इससे परेटोनाइटिस हो सकता था। जुलाई 2016 में उन्होंने सी. टी. स्कैन कराया तो पुटी 1 सेंटीमीटर की थी। वह अपने शरीर में असामान्य महसूस नहीं करती थी इसलिए जब भी उसे दर्द होता था तो वह केवल रूमाल के द्वारा प्रार्थना ग्रहण करती थी ( प्रेरितों 19:11-12)।

मार्च 2019 में, उसने परमेश्वर से चंगाई पाने का मन बनाया। उसने विशेष चंगाई सत्र के लिए उपवास प्रार्थना के साथ तैयारी की। जब उन्होने पास्टर सुजिन ली से रूमाल की प्रार्थना को ग्रहण किया तो वो पूरी तरह से पश्चाताप करने पाई और पवित्र आत्मा की अग्नि उनके ऊपर आई और उन्हें अपने शरीर में राहत महसूस हुई वो विश्वास करने पाई कि पास्टर सुजिन ली की प्रार्थनाओं के द्वारा परमेश्वर ने उन्हें चंगा किया है। इसके बाद वो द्वारा से जांच कराने अस्पताल गई वहां उन्होंने पाया कि उनकी पुटी गायब हो गई है।

हम सारा धन्यवाद और महिमा पिता परमेश्वर को देते है जिन्होंने हमें चंगाई दी और सीनियर पास्टर को भी धन्यवाद देते है जिनके रूमाल से पास्टर सुजिन ली ने प्रार्थना की।

सेंगजा ह्वान की सी. टी. स्कैन की तस्वीर

प्रार्थना से पहले – 1 Cm का इकटठा मांस जिसे बलगम पुटी माना जाता है

प्रार्थना के बाद – पुटी पूरी तरीके से गायब हो गई।

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