समय और दूरी पर प्रबल प्रार्थनाओं के द्वारा मैंने जीर्ण रूमेटाइड गठिया से चंगाई प्राप्त की।

संगमित्रा (उम्र 36, उत्तर प्रदेश, भारत)

लगभग 3-4 वर्ष पहले मेरे घुटनो के जोड़ो का दर्द शुरू हुआ और स्थिति बहुत ही खराब हो गई थी। मैं कई अस्पतालो में गई और डाक्टर का कहना था कि यूरिक एसिड की वजह से मेरा दर्द अत्यधिक बढ़ रहा था।

मेरा हर दिन दर्दनिवारक दवाओं से कटता था। मैं अपने घर का काम बिलकुल भी नही कर पाती थी जिसकी वजह से मेरा परिवार भी कठिनाई का समाना कर रहा था। मेरी जीने की ईच्छा ही मर गई थी।

मेरे एक रिश्तेदार मुझे चर्च ले गए थे, परन्तु न चल पाने की वजह से मुझे चर्च जाना छोड़ देना पड़ा। परन्तु मेरे हृदय में प्यास थी। एक बार जब मैं यूट्युब पर प्रार्थना ढुंढ रही थी तब मुझे दिल्ली मानमिन चर्च की जानकारी मिली।

नवम्बर 2019 में, प्रार्थना ग्रहण करने के लिए मैंने दिल्ली मानमिन चर्च में फोन किया। चर्च के कार्यकर्ता ने मुझे “परमेश्वर का सामर्थ्य“ नामक वीडियो भेजा जिसमें डा. जेराक ली की सामर्थ्यकारी सेवकाई के बारे में बताया गया था तथा उन्होंने मुझे “क्रूस का संदेश” वीडियो भी भेजे। “परमेश्वर का सामर्थ्य “ नामक वीडियो में मैंने देखा कि डा. जेराक ली द्वारा केवल बेदी से की गई प्रार्थनाओं से असंख्य लोगों ने चंगाई प्राप्त की है। उसे देखने के बाद मुझे भी यक़ीन हो गया कि मैं भी प्रार्थना को ग्रहण करने पर चंगाई प्राप्त कर सकती हूँ।

मैंने क्रूस का संदेश सुनना शुरू किया और उससे मैंने प्रभु के प्रेम के बारे में सीखा जिसने मनुष्यजाति को पापों से छुटकारा देने के लिए क्रूस पर अपना लहू बहाया। मैंने आनंद के साथ प्रभु को अपना उद्धारकर्ता ग्रहण किया। और मैने अपने हृदय में पूर्ण शांति महसूस की।

पिछले दिसम्बर से, दिल्ली मानमिन चर्च के GCNTV HINDI यूट्युब चैनल के द्वारा मैंने प्रसारित की जाने वाली रविवार्य सभाओं में शामिल होना शुरू किया। मुझे यह खबर मिली कि मानमिन सेंट्रल चर्च की पास्टर रेव्ह. सुजिन ली, जनवरी 2020 में चगाई सभा की अगुवाई करने जा रही है। मैंने उस सभा की तैयारी करने के लिए एक बार दोबारा से क्रूस का संदेश बहुत ही लालसा भरे हृदय से सुना। परमेश्वर का वचन सुनते समय, मुझे अपने बीते जीवन के बहुत से पाप याद आए, इसलिए मैंने निरंतर आँसूओं के साथ पश्चाताप किया।

उसके बाद, जब 31 जनवरी को ईश्वरीय चंगाई सभा में पास्टर सुजिन ली ने प्रार्थना की, मैंने आँसूओं के साथ दूर्भावना और क्रोध जैसे पापों के लिए पश्चाताप किया। मैं बिना सहारे के चल नही पाती थी परन्तु अब मैं खुद से चलने लग गई। हाल्लेलुयाह!

अब मैं बिना सहारे के सीधी चल सकती हूँ, और घर के काम भी कर सकती हूँ। मैं सारा धन्यवाद और महिमा जीवित पिता परमेश्वर को देती हूँ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *