सुमंत कुमार, उम्र 25, बिहार, भारत

मैं टी.बी. के कारण मर रहा था परन्तु मैंने नया जीवन पाया।

मेरा जन्मAA एक हिन्दु परिवार में  हुआ था और मैं बचपन से ही मूर्ति पूजा किया करता था।

दिसंबर 2015 में, दो बच्चों के पिता के रूप में अचानक से मुझे कुछ हो गया, मेरी गर्दन पर निशान पड़ने लगा और मैं ठीक से खा नही सका और केवल पूरे दिन सोता रहता था, मैं असहाय और चक्कर महसूस करता था, इसलिए मैंने बहुत कठिन समय व्यतीत किया।

अस्पताल की जाँच के परिणामस्वरूप , मेरा मल्टीड्रग टीबी प्रतिरोधी और लिम्फेटिक टीबी निरूपण किया गया (आम तौरपर, टीबी के इलाज के लिए लगभग 6 महीने लगते है, परंतु  मल्टीड्रग टीबी प्रतिरोधी में कम से कम 18 महीने लगते है, और इलाज की सफलता दर बहुत कम है और इलाज करना मुश्किल है)। माइकोबैक्टेरियम टीबी मेरे पूरे शरीर में फैल रही थी और धीरे धीरे शरीर कमजोर होने लगा।

तब जनवरी 2019 में, जब मैंने Youtube  पर Gcntv Hindi के द्वारा  रेंव डॉ जेरॉक ली की बीमारों के लिए प्रार्थना को ढूंढा, मैंने भारत में, दिल्ली मानमिन कलीसिया की संपर्क जानकारी को देखा और उन्हे फोन किया। जिस स्टाफ ने मेरे फोन का उत्तर दिया, उन्होने मुझे रेंव डॉ जेरॉक ली के क्रूस के संदेश की वीडियो क्लिप भेजी।

जब मैंने उन संदेषो को सुना, मैंने यीशु के प्रेम को अहसास किया। विशेषरूप से जब मैंने अहसास किया कि मूर्तिपूजा करना पाप है, मैंने पश्चाताप किया। मैं लगातार मुझे रेंव डॉ जेरॉक ली के संदेशो को सुनता गया और सृष्टिकर्ता परमेश्वर से प्रार्थना करना षुरू की।

एक महीने बाद, 22 फरवरी को, मैंने विषेष चंगाई सभा में भाग लिया, जो मानमिन सैंट्रल चर्च, सीओल, कोरिया में Gcntv Hindi के द्वारा आयोजित की गई थी, जब पास्टर सूजिन ली ने सामर्थी रूमाल के द्वारा प्रार्थना की, जिस पर रेंव डॉ जेरॉक ली ने प्रार्थना की थी, मैंने अपने सिर पर प्रभु के हाथों को महसूस किया।

इस बिन्दु से मेरा शरीर हल्का हो गया, सारा दर्द और चक्कर आना गायब हो गया और मुझे  भूख लगनी शूरू हो गई।

और चार महीने बाद, जून में, अस्पताल के परिणाम ने पुष्टि की, कि मल्टीड्रग प्रतिरोधी टीबी और लिम्फेटिक टीबी पूर्ण रूप से ठीक हो चुकी है, हाल्लेलुयाह।

मेरी दूसरी बेटी, दीपिका, जो इस साल तीन वर्ष की हो जाएगी, उसके चार दाँत सड़ गए और अंदर चले गए थे। डाक्टर ने कहा कि दातों को निकालना होगा, परंतु उसने हर रेंव डॉ जेरॉक ली की बीमारों वाली प्रार्थना ग्रहण की और पूरी तरह ठीक हो गई।

परमेश्वर में विश्वास करने से पहले, मैं बहुत गुस्से वाला और झगड़ालू था, परंतु प्रभु को ग्रहण करने और सत्य में अपने मन को बदलने के बाद, मेरा हृदय हमेशा शांति से भरा हुआ हैं, कितना आभारी हूं मैं। केवल यही नही, परंतु साथ साथ मैं अपने काम में अच्छा होने लगा, और अब मैं स्टेशनरी नोटबुक के निमार्ण को खोलने की तैयारी कर रहा हूं और मेरा परिवार जिन्होंने मुझे ठीक होते हुए देखा, वो भी परिवर्तित हो गए और उन्होंने भी हमारे प्रभु को ग्रहण किया।

गंभीर बीमारी के कारण मैं किसी भी चीज की आशा नही रख सकता था परंतु, यह सपना लगता है, क्योंकि मैं वो जीवन जी रहा हूं जिसकी लोग इच्छा करते है, परमेश्वर के अनुग्रह और आशीष के लिए धन्यवाद। मैं सारी महिमा और धन्यवाद, जीवित परमेश्वर को देता हूं ।

This Post Has 2 Comments

  1. Mukesh badole

    बहुत अच्छी गवाही है,, प्रभु आपकी गवाही के द्वारा बहुत लोग आसीस होंगे । God BLESS YOU

    1. मै प्रभु को जानता हु लेकिन मेरा पराथना का उतर नही मीलता है और समय मुसीबत में पर जाता हु

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