आकाश, 29 दिल्ली मानमिन चर्च, भारत

मेरा विवाह मार्च 2013 में होने के कुछ समय बाद ही, मैंने महसूस किया कि मुझे और मेरी पत्नी को कुछ समस्या है। एक बार मेरी पत्नी का गर्भपात हो गया। हमने चाहे जो कुछ भी किया हमें बच्चा नही हो सका। डाक्टर ने कहा मेरी पत्नी दोबारा गर्भवती नही हो पायेंगी।

हम बहुत से दूसरे डाक्टरों से भी मिलें परन्तु सब ने एक ही बात कहीं। बांझपन क्लिनिक जा-जाकर हम कर्जे में आ गये थे। मेरी पत्नी निराशा में रात और दिन रोती रहती थी। जिसके कारण वो कमजोर हो गई थी और खाना भी नही पचा पाती थी।

एक दिन सर्दी के दिनों में किसी ने मुझसे कहा कि अगर मैं चर्च जांऊ और प्रार्थना को ग्रहण करूं तो हमें बच्चा हो सकता है। हम दिल्ली मानमिन चर्च गये और जल्दी ही मसीही बन गयें। परमेश्वर के सामर्थ्य के रूमाल से मेरी पत्नी ने प्रार्थनाओं को ग्रहण किया और उनका स्वास्थ्य दोबारा से अच्छा हो गया। हम बहुत खुश थे और हमने अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को सुसमाचार का प्रचार करना शुरू किया।

2016 में, हमने साऊथ कोरिया के मानमिन सेंट्रल चर्च के सीनियर पास्टर रेंव्ह. डा.जेराक ली को संतान प्राप्ति लिए अपनी प्रार्थना विनती को भेजा।

हमें जल्द ही एहसास हुआ कि मेरी पत्नी दोबारा गर्भवती हो गयी और उसी साल जनवरी में उन्होंने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। मैंने और मेरी पत्नी ने महसूस किया कि हमने पूरे संसार को जीत लिया है, हमें पूरी तरह से विश्वास हुआ कि परमेश्वर जीवित है। अब हम चर्च के लिए विश्वासयोग्यता के साथ कार्य कर रहे है।

मानमिन कलीसिया की शुरूआत से ही डा. जेराक ली की प्रार्थना को ग्रहण करने के बाद अनगिनत लोगों ने गर्भधारण की आशीषें प्राप्त की। डिक्नेस यूना पार्क, जिनको फिलोफियन्स ट्यूब में समस्या होने के कारण बच्चा नही हो सकता था, परन्तु प्रार्थनाओं के बाद उन्होंने बेटे को जन्म दिया। इज्राइल से रूडमिला, उनकी शादी के बाद उनका 3 सालों में 2 बार गर्भपात हो गया था। प्रार्थनाओं को ग्रहण करने के बाद वो गर्भवती हुई और उन्होंने अपने बेटे सोलेमोन को जन्म दिया।  डी. आर. कोंगो से र्होंटेस बैंडम ने सामर्थी रूमाल से प्रार्थनाओं को ग्रहण करने के बाद बेटे को जन्म दिया और बाद में उन्होंने 3 और बच्चों को जन्म दिया।

क्यू ही लिम, संग जिन यूं, मिन क्यूंग ली और हे सूक किम की जब “जन्मजात विसंगति जाँच (कनजेनिटल एनाम्ले टेस्ट)“ कराई गई तो उन्हें बताया गया कि उनके बच्चों में डाउन सिंड्रोम (जननिक विकार) की संभावना काफी ज्यादा है, लेकिन डा. जेराक ली की प्रार्थनाओं को ग्रहण करने के बाद उन सबने स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया।

साथ ही, ये दो बहने, सन ह्योअ किम, और यू यंग चोंय, बेटी पाना चाहती थी परन्तु गर्भवती होने के बाद उनको बताया गया कि बेटी की बजाय उनके गर्भ में बेटे है। लेकिन डा. जेराक ली की प्रार्थनाओं को ग्रहण करने के बाद उन्होने बेटियों को जन्म दिया जैसा कि वे चाहती थी।

मिनिस्टर यू यंग चो, बेटा प्राप्त करना चाहते थे परन्तु उनके गर्भ में बेटी थी। लेकिन प्रार्थनाओं को ग्रहण करने के बाद उन्होंने भी बेटे को जन्म दिया जैसा कि वो चाहती थी।

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